
भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में की गयी पहल
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों हेतु पाठ्यक्रम संचालित करता है तथा इनके संचालन हेतु अन्य सुविधायें भी मुहैया कराता है। ये पाठ्यक्रम कुछ हफ़्तों से लेकर 2 वर्षों तक की अवधि के लिए हो सकते हैं। इस वेबसाइट से आप यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं की ये पाठ्यक्रम किस प्रकार के हैं, किस पाठ्यक्रम की अवधि कितनी है तथा भिन्न-भिन्न पाठ्यक्रमों में शामिल होने की योग्यता क्या है। इस वेबसाइट के द्वारा आप प्रवेश हेतु ऑनलाइन फॉर्म भी दाखिल कर सकते हैं।
विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रमों पर ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें
जनजातीय मामलों का मंत्रालय
जनजातीय मामलों का मंत्रालय कई गैर-सरकारी तथा स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ मिलकर जनजातीय छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने हेतु पेशेवर कोचिंग संस्थानों की सुविधा उपलब्ध कराता है।
इस मंत्रालय द्वारा की गयी पहल पर ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें
ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा की गयी पहल
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 1 अप्रैल 1999 को स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है की ग्रामीण क्षेत्रों में भी रह रहे लोगों की देश के विकास में सहभागिता हो। इस योजना को शुरू करने के पीछे मूल विचार यह है की जिन परिवारों की इसके द्वारा मदद की जा रही है उनका विकास लम्बी अवधी में भी निरंतर जारी रहे तथा वो गरीबी रेखा से ऊपर आ सकें।
इस योजना के तहत कौशल विकास से जुडी परियोजनाओं के लिएिशा-निर्देश, उनकी आवश्यकताएं, मानक, प्रक्रिया तथा कार्यप्रणाली पर ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ 'क्लिक करें'।
संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गयी पहल
संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपने मानव संसाधन विकास विभाग के द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि इलेक्ट्रोनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधनों कि कमी महसूस ना हो। विभाग यह प्रयास निर्माण तथा सेवा दोनों क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों के लिए कर रहा है। इस पहल के तहत नियोजित क्षेत्र में मांग तथा पूर्ती में अंतर कि पहचान की जाती है तथा अनियोजित एवं नियोजित दोनों क्षेत्रों में इस अंतर को मिटाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का ढांचा तैयार किया जाता है।
संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों पर ज्यादा जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक 'क्लिक करें'।
http://mit.gov.in/default.aspx?id=807
http://www.cdac.in/
http://www.doeacc.edu.in/index.jsp
वित्तीय संसाधन