
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग सभामंडल (FICCI)
FICCI ने वर्ष 2008 में कौशल विकास मंच की शुरुआत की जो राष्ट्रीय स्तर पर कौशल की माँग तथा उपलब्धता में अंतर को कम करने तथा इसमें समाज के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों की सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा। FICCI के इस कौशल विकास मंच का उद्देश्य होगा कौशल विकास हेतु बनाई गयो नीतियों पर पैनी निगाह रखना, कौशल विकास से सम्बद्ध विषयों पर सरकार के साथ समन्वय के रिश्तों को और मजबूत करना, NSDC के साथ लगातार संपर्क में रहना तथा निजी क्षेत्र की इकाईयों एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने वाली संस्थाओं की जरूरतों को NSDC तक पहुँचाना।
FICCI के इस कौशल विकास मंच के अध्यक्ष श्री अनुराग जैन हैं तथा इस संस्था ने अपने लिए 8-सूत्री लक्ष्य तय किये हैं। ये लक्ष्य हैं: कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वित्त का प्रवाह इस ओर सुनिश्चित करना, ढांचागत व्यवस्था तैयार करना, प्रशिक्षण का उच्च स्तर सुनिश्चित करना, व्यवसायिक प्रशिक्षण का ढांचा तैयार करना, रोजगार के अवसरों की रचना करना, कैरियर का विकास तथा तकनीक के इस्तेमाल द्वारा कम लागत में ज्यादा-से-ज्यादा परिणाम हासिल करना।
FICCI का कौशल विकास मंच प्रति माह 'स्किल एक्सप्रेस' नाम से एक सूचना-पत्र भी प्रकाशित करता है।
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर के आप इस सूचना-पत्र के जनवरी 2010 अंक तक पहुँच सकते हैं:
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII)
CII ने समस्त भारत में कौशल विकास के कार्य को काफी गंभीरता से लिया है तथा उद्योगों में श्रमिकों की जरूरतों तथा कौशल विकास के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के बीच एक सामंजस्य बिठाने का प्रयास किया है। इससे यह फायदा होगा की कार्य के योग्य श्रमिकों को रोजगार देने के लायक बनाया जा सकेगा। इन श्रमिकों में सभी प्रकार के श्रमिक शामिल होंगे जैसे शिक्षा के बीच में हीं पढ़ाई छोड़ देने वाले श्रमिक, थोड़ी सी कुशलता रखने वाले श्रमिक तथा बिना किसी कौशल की जानकारी वाले श्रमिक।
देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में तीव्र गति से कार्य किये जा रहे हैं जिससे रोजगार की संख्या में और वृद्धि हो। CII ने कौशल विकास की दिशा में खुद भी पहल की है तथा अपनी पहल को राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम ने 2022 तक 50 करोड़ श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का जो लक्ष्य रखा है, उसके साथ जोड़ दिया है। CII ने इस दिशा में पहला प्रयास शुरू भी कर दिया है तथा मध्य प्रदेश के छिन्दवारा में एक कौशल केंद्र की स्थापना की है। इस केंद्र में छड़ों को मोड़ने, पिसाई, पाईप फिट करने तथा वेल्डिंग करने जैसे कार्यो को सिख
http://www.cii.in/Sectors.aspx?enc=prvePUj2bdMtgTmvPwvisYH+5EnGjyGXO9hLECvTuNttP/oGsVu5A70LTxgbaQRW
http://www.cii-skillsdevelopment.in/home.html
वित्तीय संसाधन