माननीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी NSDC निदेशक मंडल के साथ
माननीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी NSDC निदेशक मंडल के साथ
माननीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी NSDC निदेशक मंडल के साथ
माननीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी, वित्त मंत्री की सलाहकार सुश्री ओमिता पॉल, NSDC के चेयरमैन श्री एम. वि. सुबिआह तथा NSDC की मुख्य परिचालन पदाधिकारी सुश्री सुप्रिया बनर्जी
वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी ने 22 सितम्बर 2009 को नई दिल्ली में NSDC के निदेशक मंडल से मुलाकात की जहाँ उन्होंने संस्था के मूल उद्देश्यों तथा उससे देश को कितनी उम्मीदें हैं इस पर अपने विचार रखे। उनके विचार:
"लम्बी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 9 प्रतिशत बनाये रखने के लिए यह आवश्यक है की उच्चतम गुणवत्ता वाले कुशल श्रमिकों की एक बड़ी तादाद तैयार की जाये। और इसके लिए ना सिर्फ कौशल विकास क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि करने की जरूरत है बल्कि यह भी आवश्यक है की कौशल विकास कार्यक्रम को ज्यादा-से-ज्यादा क्षेत्रों में लागू किया जाये। माननीय प्रधानमन्त्री ने कौशल विकास का जो लक्ष्य तय किया है वो उल्लिखित उद्देश्यों को पाने के लिए कटिबद्ध है और निजी क्षेत्र के नेतृत्व में स्थापित कौशल विकास निगम इसी दिशा में एक कदम है। यह निगम सभी क्षेत्रों के साथ समन्वय बिठाते हुए कौशल विकास के कार्य को अंजाम देगा। इसकी स्थापना की मंजूरी कैबिनेट ने मई 2008 में हीं दी थी। इसके लिए मूल विचार, रणनीति, तथा आधारभूत व्यवस्था के स्थापन की घोषणा प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद् की नीवं रखते वक़्त हीं कर दी गयी थी।
"मूल विचार को लागू करने की सहूलियत के लिए चार विभिन्न भागों में बांटा गया है जो क्रमशः हैं: एक महत्वाकांक्षी योजना जिसके द्वारा सन् 2022 तक 50 करोड़ लोगों को कुशल श्रमिकों की श्रेणी में लाया जाये; इस योजना में समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाये; इसमें जरूरत के अनुसार खुद में परिवर्तन करने की काबिलियत हो; तथा यह ग्राहक की पसंद, प्रतियोगिता एवं नतीजों पर आधारित हो। जहाँ तक रणनीति का सवाल है तो इसके छः मूल स्तम्भ हैं और उनमे सबसे महत्त्वपूर्ण ये है की अपनाई गयी कुशलताएं भरोसेमंद तथा कई क्षेत्रों के लिए कारगर होनी चाहिए। मुख्य रूप से वो दिशा-निर्देश जिनपर NSDC से कार्य करने को कहा गया है वो हैं निजी क्षेत्र की इकाईयों को कौशल विकास के क्षेत्र में संलग्न करना तथा उनके साथ समन्वय करते हुए कौशल विकास परिषद् के निर्धारित लक्ष्यों को पाना।"
हमारी भूमिका