वित्तीय जानकारी
वित्तीय जानकारी

1. NSDC से मैं वित्त कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

समय-समय पर NSDC कुछ चुने हुए क्षेत्रों से प्रस्तावों की माँग करता है। ये प्रस्ताव विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं जैसे निजी क्षेत्र की इकाईयां, औद्योगिक संगठन, उद्यमियों तथा गैर सरकारी संगठनों से माँगे जाते हैं। वित्त पाने के लिए आपकी संस्था को इन माँगों के उत्तर में अपने प्रस्ताव को सम्मिलित करना होगा। प्रस्ताव मिलने के बाद NSDC उन्हें अपने तय मानदंडों पर खरा उतरने की परख करने के बाद वित्तीय मदद देने या ना देने का निर्णय लेती है। वित्त प्रदान करने के लिए निदेशक मंडल की स्वीकृति भी आवश्यक है।

वित्त प्रदान करने के बाद NSDC समय-समय पर उस उद्यम के द्वारा किये गए कार्यों का निरिक्षणभी करती रहती है । इससे वित्त के सही इस्तेमाल तथा उद्यम की प्रगति की जाँच करने में मदद मिलती है।

प्रस्तावों के आँकलन की ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ 'क्लिक करें'।


2. NSDC द्वारा प्रस्ताव आँकलन की  पद्धति क्या है?

प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद NSDC बड़ी हीं सूक्ष्मता से इसके हर पहलू की जाँच करती है। जिन मानदंडों पर प्रस्तावों का आँकलन होता है वो पहले से हीं तय किये गए होते हैं। आँकलन पद्धति की ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ 'क्लिक करें'।

विभिन्न पहलू जिनकी जाँच-परख प्रस्तावों का आँकलन करते वक़्त की जाती है उनमे कुछ प्रमुख हैं:

  • प्रस्तावित उद्यम मध्य तथा लम्बी अवधि के उतार-चढ़ावों को कितना सह पायेगा
  • उद्यम की विभिन्न नियोक्ताओं, राज्य सरकारों तथा वित्तीय संस्थानों के साथ किस स्तर तक साझेधारी है

मानदंडों के विशेष विवरण के लिए यहाँ 'क्लिक करें'।


3. कोई भी प्रस्ताव विचार के लिए स्वीकृत किया जाए, इसके मानदंड क्या हैं?

NSDC उन प्रस्तावों को ज्यादा महत्व देती है जो उन क्षेत्रों में कार्यरत हैं जहाँ कम-से-कम कौशल वाले छात्रों को प्रशिक्षण के लिए लिया जाता है। वैसे संस्थानों को भी प्राथमिकता दी जाती है जो बड़े स्तर के उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण संस्थान हैं।   

तकनीक तथा नई दिशायें

NSDC वैसे संस्थानों को समर्थन देने में विशेष दिलचस्पी रखती है जो कौशल विकास के क्षेत्र में नए आयाम लाने की कोशिश कर रहे हैं। अतः ऐसे प्रस्ताव विशेष तौर पर आमंत्रित हैं जो अपने-आप में बिल्कुल नए हैं, जिनमे दूरगामी परिणाम देने की क्षमता है तथा जो ऐसी तकनीक पर आधारित हैं जिससे कौशल विकास कार्यक्रम को आसानी से प्रशिक्षुओं तक पहुँचाया जा सके। मिसाल के तौर पर: तकनीक के इस्तेमाल द्वारा प्रशिक्षण प्रक्रिया को ज्यादा लोगों तक पहुँचाने का उद्यम।

पहले से मौजूद मूलभूत ढांचें का इस्तेमाल

NSDC वैसे प्रस्तावों को भी प्राथमिकता देगी जिनमे पहले से मौजूद ढाँचे के इस्तेमाल द्वारा हीं इच्छित परिणाम हासिल करने की गुणवत्ता हो। अतः वैसे प्रस्तावों को विशेष तौर पर विचार के लिए रखा जाएगा जिनमे ITI तथा ITCs जैसे संस्थानों के साथ साझा तौर पर कौशल विकास कार्यक्रम चलाने की योजना हो।

उल्लिखित मानदंडों के अलावा कुछ और भी दिशा-निर्देश हैं जिन्हें प्रस्तावों का आँकलन करते वक़्त ध्यान में रखा जाएगा। ये दिशा-निर्देश हैं:

  • जिस क्षेत्र में कार्य करने हेतु प्रस्ताव सम्मिलित किया जा रहा है उस क्षेत्र में कौशल विकास की आवश्यकताओं में जो सबसे महत्त्वपूर्ण है उन्हें विशेष तौर पर लक्ष्य बनाया जाना चाहिए
  • प्राथमिक तौर पर जिस क्षेत्र को लक्ष्य बनाया जा रहा है उसके एक बड़े भाग को यह प्रस्ताव अपने कौशल विकास कार्यक्रम में समाहृत करता है या नहीं
  • प्रस्ताव करते वक़्त यह उम्मीद नहीं रखी जानी चाहिए की NSDC किसी उद्यम के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय मदद देगी
  • NSDC जो भी वित्तीय मदद देती है उसके सारे भाग को वह अनुदान के रूप में देगी यह उम्मीद भी नहीं की जानी चाहिए
  • योजना आयोग ने कुछ प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की है। अगर प्रस्ताव उन क्षेत्रों के कौशल विकास कार्यक्रम से सम्बंधित हो तो उन्हें प्राथमिकता दी जायेगी। ये क्षेत्र अपने कार्य के अनुरूप निम्नलिखित हैं:

औद्योगिक क्षेत्र

  • वाहन तथा उनके पुर्जों से जुड़े उद्योग
  • इलेक्ट्रोनिक्स
  • कपडा तथा वस्त्र उद्योग
  • चमड़ा तथा चमड़े की सामग्री से जुड़े उद्योग
  • रसायन तथा औषधि उद्योग
  • जवाहरात तथा कीमती पत्थर उद्योग
  • गृह तथा ढांचागत निर्माण उद्योग
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
  • हस्तकरघा तथा हस्तशिल्प उद्योग
  • गृहनिर्माण तथा गृहसज्जा की वस्तुओं का उद्योग

सेवा क्षेत्र

  • सुचना तकनीक तथा सॉफ्टवेर सेवा
  • सुचना तकनीक पर आधारित सेवा जैसे बीपीओ
  • पर्यटन तथा होटल उद्योग
  • यातायात/ सामान का वहन/ वेयेर्हौसिंग तथा पैकेजिंग
  • सुनियोजित खुदरा व्यापार
  • रिअल एस्टेट सेवा
  • मिडिया, मनोरंजन, ब्रोडकास्टिंग, एनिमेसन, तथा लेखन से जुडी सेवा
  • स्वास्थ्य सेवा
  • बैंकिंग, बीमा तथा वित्तीय सेवा
  • शिक्षण/ कौशल विकास के क्षेत्र 

 

4.किस प्रकार की इकाईयां वित्तीय मदद की योग्यता रखती हैं?

मोटे तौर पर निम्नलिखित प्रकार की इकाईयों से वित्तीय मदद हेतु विचार के लिए प्रस्ताव स्वीकार किये जाते हैं:
  1. उद्योग
  2. प्रशिक्षण तथा कौशल विकास से जुडी संस्था
  3. गैर सरकारी संस्थाएं
  4. व्यापारिक संगठन
  5. सामाजिक विकास में संलग्न उद्यमी

5.NSDC से पाए गए वित्तीय मदद का इस्तेमाल कहाँ-कहाँ किया जा सकता है?

भूमि अधिग्रहण तथा बिल्डिंग निर्माण दो ऐसे कार्य हैं जिनमे NSDC से पाए गए वित्तीय मदद का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जा सकता है। NSDC इस बात को प्राथमिकता देती है की जो पहले से मौजूद ढांचागत सुविधायें हैं उनका ही इस्तेमाल किया जाये तथा उसके द्वारा दिए गए धन का उपयोग सिर्फ प्रशिक्षण से सम्बद्ध खर्चों के लिए हो।

वित्तीय संसाधन

  • ऋण अथवा भागीदारी के रूप में वित्तीय मदद
  • निजी क्षेत्र की इकाईयों को वित्तीय प्रोत्साहन

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गोपनीयता की शर्तें

"NSDC के पास जितने भी प्रस्ताव निवेदन के लिए आयेंगे वो NSDC की संपत्ति मानी जाएँगी तथा NSDC उन्हें प्रस्तावक को नहीं लौटाएगी। NSDC अपनी तरफ से इस बात का ख्याल रखेगी की प्रस्ताव में शामिल की गयी सूचनाएं गोपनीय रहे। परन्तु NSDC को यह हक होगा की वह प्रस्ताव में शामिल सूचनाएं अपने विभिन्न परामर्शदाताओं तथा वकीलों इत्यादि के साथ बाटें तथा अगर कानूनी रूप से यह आवश्यक हुआ तो वह इसे प्रकट करने का हक भी रखे। NSDC को यह पूर्ण हक होगा की वो बिना किसी को स्पष्टीकरण दिए किसी भी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दे।"

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