NSDC का ब्यौरा
NSDC का ब्यौरा

1. सही मायनों में NSDC है क्या?

NSDC निजी तथा सरकारी क्षेत्र द्वारा शुरू किया गया एक साझा प्रयास है जिसका मूल उद्देश्य भारतीय श्रमिक वर्ग को कुशल बनाना तथा पहले से कुशल श्रमिको की कुशलता में इजाफा करना है। NSDC के प्रयासों का एक बड़ा हिस्सा इस बात के लिए समर्पित है की असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक भी प्रगति पथ पर अग्रसर हो सकें। मूल रूप से इसके लिए NSDC प्रशिक्षण के लिए वित्तीय मदद देने में प्रमुख भूमिका निभाती है। प्रशिक्षण के अलावा उससे जुडी अन्य सेवाएँ भी NSDC के कार्यक्षेत्र में शामिल हैं। माँग तथा पूर्ती के बीच किस क्षेत्र में कितना बड़ा रिक्त स्थान है इसकी पड़ताल तथा प्रशिक्षण के लिए मानकों का निर्धारण भी NSDC के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस विषय पर ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ, 'क्लिक करें'।

2. NSDC जैसी संस्था की आवश्यकता क्यों महसूस की गयी?

भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था को एक बड़े पैमाने पर कुशल श्रमिकों की आवश्यकता है। परन्तु अच्छे प्रशिक्षकों तथा प्रशिक्षण संस्थानों की कमी की वजह से अर्थव्यवस्था की वृद्धि में काफी मुश्किलें आ रहीं है। कुशल श्रमिकों की कमी की यह परिस्थिति सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक सिमित नहीं है बल्कि कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। NSDC का यह मूल उद्देश्य है की वह इस कमी को पूरा करने में भरपूर योगदान करे। प्रमुख रूप से NSDC निजी क्षेत्रों तथा उद्योगों के कौशल विकास के प्रयासों में संलग्नता पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अर्थजगत तथा उद्योगों में NSDC की भूमिका पर ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ 'क्लिक करें'। .

3. NSDC की कार्यप्रणाली क्या है?

NSDC बिना मुनाफे के कार्य करने वाली एक ऐसी कंपनी है जो वित्त मंत्रालय के अधीन आती है तथा जो कंपनी अधिनियम की धारा 25 के तहत स्थापित की गयी है। इसकी मूल पूंजी 10 करोड़ रुपये है तथा निजी एवं सरकारी क्षेत्र की भागीदारी क्रमशः 51 % तथा 49 % है।

कार्य निष्पादन की सरलता के लिए इसे कई स्तरों में विभाजित किया गया है जिनमे प्रमुख हैं 12 सदस्यीय निदेशक मंडल तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निधि, जिसका 100 % नियंत्रण भारत सरकार के पास है।  ये स्तर NSDC की मूल विचारधारा को लागू करने में योगदान करते हैं। इस विषय पर ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ, 'क्लिक करें'।

4. NSDC का प्रबंधन किन हाथों में है?

NSDC निजी तथा सरकारी क्षेत्र की साझेधारी में स्थापित एक ऐसी इकाई है जिसका प्रबंधन अनुभवी तथा पेशेवर लोगो की टीम के द्वारा किया जाता है। पेशेवर लोगो के होने की वजह से इसके निर्णय लेने की प्रक्रिया भी जटिल नहीं है। निर्णय लेने के विभिन्न स्तर- निदेशक मंडल, मंडलीय उप-समिति तथा कार्यकारी परिषद्- इस बात का ख्याल रखते हैं की NSDC की सारी नीतियाँ प्रभावकारी ढंग से लागू हो तथा ये मंडल कुशल प्रबंधन में भी मदद करते हैं।

5. NSDC किन-किन क्षेत्रों में अपनी सेवायें प्रदान करती है?

निम्नलिखित क्षेत्रों में कौशल विकास हेतु NSDC की सेवायें ली जा सकती हैं:
  1. वाहन तथा उससे जुड़े पूर्जों का उद्योग
  2. इलेक्ट्रोनिक्स
  3. कपडा तथा वस्त्र उद्योग
  4. चमड़ा तथा चमड़े से बनी सामग्री का उद्योग
  5. रसायन तथा औषधि उद्योग
  6. जवाहरात तथा कीमती पत्थरों का उद्योग
  7. बिल्डिंग तथा ढांचागत निर्माण उद्योग
  8. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
  9. हथकरघा तथा हस्तशिल्प उद्योग
  10. गृहनिर्माण तथा गृहसज्जा की वस्तुओं का उद्योग
  11. सुचना तकनीक तथा सोफ्टवेयेर उद्योग
  12. सुचना तकनीक पर आधारित उद्योग जैसे बीपीओ
  13. पर्यटन तथा होटल उद्योग
  14. यातायात/ सामान का वहन/वेयेर्हौसिंग तथा पैकेजिंग
  15. सुनियोजित खुदरा व्यापार
  16. रियल एस्टेट
  17. मिडिया, मनोरंजन, ब्रोडकास्टिंग, एनिमेसन तथा लेखन से जुडी सेवा
  18. स्वास्थ्य सेवा
  19. बैंकिंग, बीमा तथा वित्तीय सेवा
  20. शिक्षण अथवा कौशल विकास
  21. असंगठित क्षेत्र

6. NSDC की भूमिका क्या है?

NSDC की मुख्य भूमिकाएं निम्नलिखित हैं:
  • वित्त प्रदान करना तथा वित्तीय प्रोत्साहन देना
  • सम्बद्ध सुविधाएं देना
  • प्रशिक्षण हेतु ज़मीन तैयार करना

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संस्थागत व्यवस्था

  • मूल विचार
  • निर्धारित लक्ष्य
  • ढांचागत व्यवस्था

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हमारी भूमिका

  • कौशल विकास के लिए किये जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहन
  • विभिन्न स्तरों पर साझेदारी का निर्माण
  • निजि क्षेत्र के उद्यमियों के लिए कौशल विकास में सहभागिता की ज़मीन तैयार करना

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वित्तीय संसाधन

  • ऋण अथवा भागीदारी के रूप में वित्तीय मदद
  • निजी क्षेत्र की इकाईयों को वित्तीय प्रोत्साहन

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सम्बद्ध सुविधाएं

  • प्रशिक्षण हेतु विषय तय करना, प्रशिक्षकों की व्यवस्था तथा उनका भी प्रशिक्षण
  • औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर उच्च स्तर की सुविधाएं तथा मानकों का निर्धारण

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